ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) सिस्टम एक सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर संसाधनों का संचालन में मदद करता है, और कंप्यूटर प्रोग्राम के लिए सामान्य सेवाएं आवसकता अनुसार प्रदान करता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्राम के निम्नलिखित सुविधाएं :-
- जिसका उपयोग कंप्यूटर के समग्र संसाधनों और संचालन के प्रबंधन के लिए किया जाता है।
- ये एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो क्रियान्वयन को नियंत्रित और मॉनिटर करता है व एप्लिकेशन प्रोग्राम और अन्य सिस्टम सॉफ्टवेयर मॉनिटर करता है
- ऑपरेटिंग सिस्टम एक प्रोग्राम है जो सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच एक इंटरफेस के रूप में कार्य करता है।
- मशीन लैंग्वेज :-
मशीन भाषा या मशीन कोड मूल भाषा है सीधे कंप्यूटर की केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई द्वारा समझा जाता है इस प्रकार की कंप्यूटर भाषा समझना आसान नहीं है , क्योंकि यह केवल एक द्विआधारी प्रणाली का उपयोग करता है, एक तत्व केवल संख्याओं की एक श्रृंखला वाले नोटेशन
एक और शून्य, कमांड का आंकलन करता है।
2. असेंबली लैंग्वेज : –
असेंबली लेवल लैंग्वेज उन कोडों का एक समूह है जो सीधे कंप्यूटर के प्रोसेसर पर चल सकते हैं। इस प्रकार की भाषा ऑपरेटिंग सिस्टम लिखने में सबसे उपयुक्त है और डेस्कटॉप अनुप्रयोगों को बनाए रखना होता है। ये भाषा, प्रोग्रामर के लिए कमांड्स को परिभाषित करना आसान है। मशीन की तुलना में इसे समझना और उपयोग करना आसान है।
हाई लेवल लैंग्वेज : –
कम्प्यूटर में प्रयोग की जाने वाली यह भाषा जिसमे अंग्रेजी अक्षरो, संख्याओ एवं चिन्हो का प्रयोग करके प्रोग्राम लिखा जाता है, उसे उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा कहा जाता है। व इस भाषा में प्रोग्राम लिखना प्रोग्रामर के लिये बिलकुल ही आसान होता है, क्योंकि इसमे किसी भी निर्देश मशीन कोड में बदलकर लिखने की आवश्यकता नहीं होती। जैसे -BASIC, COBOL,FORTRAN,PASCAL
प्रोग्रामिंग भाषाओ का विकास डॉ॰ ग्रेस हापर का नाम महत्वपूर्ण है। इन्होने सबसे पहले ही सन 1952 के आस-पास उच्च स्तरीय भाषाओ का विकास किया था। और जिसमे एक कम्पाइलर का प्रयोग किया गया था।

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