- अजातशत्रु का उपनाम कुणिक था.
- अजातशत्रु ने 32 सालों तक मगध पर शासन किया.
- अजातशत्रु शुरुआत में जैन धर्म का अनुयायी था.
- अजातशत्रु के सुयोग्य मंत्री का नाम वर्षकार था. इसी की सहायता से अजातशत्रु ने वैशाली पर विजय प्राप्त की.
- अजातशत्रु की हत्या उसके बेटे उदायिन ने 461 ई. पू. में कर दी और वह मगध की गद्दी पर बैठा.
- उदायिन ने पाटलिग्राम की स्थापना की.
- उदायिन भी जैन धर्म का अनुयायी था.
- हर्यक वंश का अंतिम राजा उदायिन का बेटा नागदशक था.
- नागदशक को उसके अमात्य शिशुनाग ने 412 ई. पू. में अपदस्थ करके मगध पर शिशुनाथ वंश की स्थापना की.
- शिशुनाथ ने अपनी राजधानी पाटलिपुत्र से हटाकर वैशाली में स्थापित की.
- शिशुनाथ का उत्तराधिकारी कालशोक फिर से राजधानी को पाटलिपुत्र ले गया.
- शिशुनाथ वंश का अंतिम राजा नंदिवर्धन था.
- नंदवंश का संस्थापक महापदम नंद था.
- नंदवंश का अंतिम शासक घनानंद था. यह सिकंदर का समकालीन था. इसे चंद्रगुप्त मौर्य ने युद्ध में पराजित किया और मगध पर एक नए वंश मौर्य वंश की स्थापना की.
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